ऑनलाइन मासिक शोध पत्रिका
प्रकाशित अंक

आने वाला है। ...

आगामी अंक

पहले अंक के बाद प्रकाशित किया जाएगा।

अंक डाऊनलोड करें

अंक आने के बाद डाउनलोड किया जा सकेगा।

आगामी अंक

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit.

Neque porro quisquam est, qui dolore ipsum quia dolor sit amet, consectetur adipisci velit, sed quia non numquam eius modi tempora incidunt. 

Sarah Jones
Interior Designer

Neque porro quisquam est, qui dolore ipsum quia dolor sit amet, consectetur adipisci velit, sed quia non numquam eius modi tempora incidunt. 

Jessica Foxx
Student

Neque porro quisquam est, qui dolore ipsum quia dolor sit amet, consectetur adipisci velit, sed quia non numquam eius modi tempora incidunt. 

Briana Luke
Student

Interested? Shop This Plant Collection!

Neque porro quisquam est, qui dolore ipsum quia dolor sit amet, consectetur adipisci velit, sed quia non numquam eius modi tempora incidunt.

संरक्षक मंडल

प्रो. गोपेश्वर सिंह

संरक्षक

प्रोफेसर, हिंदी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली-110007

बिमलेन्दु तीर्थंकर

संरक्षक

एसोसिएट प्रोफेसर, हिंदी विभाग, हिन्दू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली-110007

धर्मेंद्र प्रताप सिंह

संरक्षक

सहायक प्रोफेसर ‘तदर्थ’ (Ad-hoc) हिंदी विभाग, हिन्दू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली-110007

संपादक मंडल

रमेश कुमार राज

संपादक

पीएचडी शोधार्थी, दिल्ली विश्वविद्यालय, सहायक प्रोफेसर ‘तदर्थ’ (Ad-hoc), हिंदी विभाग, हिन्दू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली-110007 मो. 8448971626/8810399646

दीपिका सिंह

सह-संपादक

एम.ए. , बी.एड. सी.टेट 

पत्रिका के बारे में

‘हिंदी दर्पण’ चिंतन-मनन संबंधी शोध पत्रिका है.

रचनात्मक लेखन के विविध विषयों, जैसे- कविता, कहानी, उपन्यास, नाटक, आत्मकथा, जीवनी, एकांकी, लघु कथा, निबंध, आलोचना, दलित-स्त्री-आदिवासी और अल्पसंख्यक विमर्श, यात्रा वृत्तांत, संस्मरण, व्यंग्य, सिनेमा, आदि पर शोध आलेख प्रकाशित किए जाएँगे।

अन्य विधाओं, जैसे- अनुवाद, नवगीत, बाल लेखन, हिंदी पत्रकारिता, भाषा विज्ञान, लोक-संस्कृति और राजनीति विषयक विमर्श, साहित्य-सिनेमा अंतर्संबंध आदि पर भी शोध आलेख स्वीकार्य होंगे।

‘हिंदी दर्पण’ पत्रिका का उद्देश्य युवा लेखकों, कवियों, आलोचकों की प्रतिभा को निखारना, उन्हें सृजनशील बनाना है। रचनात्मक कौशल का विकास करना पत्रिका का मुख्य ध्येय होगा।